How to be happy

       खुश रहने के लिए 5 चीज़े (स्वस्थ, धन, रिश्ते नाते और मन की शांति) जरूरी होती है। हम कहते है कि हम अपनी मर्ज़ी से जीते है अपनी जिंदगी के मालिक खुद है लेकिन जब कोई हमको कुछ बुरा बोलता है तो हम दुखी हो जाते है और जब कोई हमारी पसंद की बात करता है तो खुश हो जाते है अब आप ये बताइये की आप अपनी मर्ज़ी से खुश और दुखी हो रहे है या दूसरो की मर्ज़ी से। कही न कही हम अपनी जिंदगी की चाभी दुसरो के हाथ मे दे देते हैं। हम कितने भी युवा हो या निरोग हो हमको कम से कम आधे घंटे व्यायाम, योग या मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। शारीरिक हलचल हमे तनाव मुक्त करती है आप डांस, हॉकी, फुटबाल या क्रिकेट भी खेल सकते है। दूसरा ये की चाहे लोग कितना भी कह लें कि कुछ साथ नही जाता सब इसी दुनिया मे रह जाएगा लेकिन प्रैक्टिकली हमको इस दुनिया मे सरवाइव करने के लिए धन की जरूरत पड़ती ही है। हाँ इसके ही पीछे नही भागना चाहिए आपको एक कैलकुलेशन करना चाहिए कि आपने पिछले 3 सालों में आपकी वार्षिक इनकम कितनी रही है प्रति वर्ष कितनी ग्रोथ हो रही है। इस आधार पर जो भी मॉन्थली इनकम आए उसको 50% से ज्यादा खर्च न करे बचे 50% में 20% अपने वृद्धावस्था के लिए फिक्स्ड डिपाजिट या कही इन्वेस्ट कर दें। 30% में अपने शौक और ग्रोथ के लिए इन्वेस्ट करें। ज्यादा टेंशन से कुछ नही मिलता है बस इतना याद रखे कि हमको अपने आज को गुजरे हुए कल से बेहतर बनाना है।

 और अब तीसरा पॉइंट। हमको बताया जाता है कि माता पिता की बात मानो रिस्तेदारी निभाते रहो लेकिन इसके साथ ये भी जरूरी है कि मित्र पड़ोसियो, सहकर्मी, सहपाठी और क्लब संस्था के मेम्बर्स के साथ भी नेचरल और फैमिलियर व्यवहार रखें। क्योंकि समाज मे भूमिका और सम्मान का भी हमारे जीवन मे महत्व है। चौथा है मन कि शांति। अगर आप धार्मिक व्यक्ति है तो इन कामो में समय दें मंदिर मस्जिद या गुरुद्वारे जाए। और अगर धार्मिकता में रुचि नही है तो खुश रहने के लिए आपको कुछ आदतों में बदलाव ला कर खुश रह सकते है जब भी कोई आपके लिए कुछ करे तो उसे धन्यवाद जरूर कहें। किसी की कम ही सही तन, मन या धन से जितना भी संभव हो सके मदद करें। आप दूसरों के अच्छे काम की तारीफ करें। सामाजिक कार्यों जैसे पानी बचना, स्वच्छता, पर्यावरण बचना, या डोनेशन मे भी योगदान कर सकते हैं। यकीन मानिए ये आपको एक अद्भुत सेटिस्फेक्शन देगा और आपकी छवि एक अच्छे ह्यूमन बीइंग की बनेगी वो अलग।


               इन सभी कामो से हमारे दिमाग को शांति मिलती है और आप पूरी दिमाग खुलकर विकास कर पाता है। खुश रहने के लिए आपको एक दवा जुरूर लेनी चाहिए और वो ये है कि रोज सुबह उठकर सबसे पहले अपनी डायरी में किसी अच्छी यादों या कोई खुशी देने वाली बात जरूर लिखे चाहे 2-4 लाइन ही लिखना पड़े इसके लिए डायरी रात को ही अपने साथ रख लें। और याद रखे ये जिंदगी आपकी है इसमे अच्छे बुरे के लिए आप ही जिम्मेदार है किसी दूसरे को घंटा फर्क नही पड़ता है कि आप कैसे है इसलिए खुश रहे और जीवन मस्ती से एंजॉय करें।

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