One City One Industry

दोस्तो, कुछ सालों से देश मे एक नई तरह की बात चल रही है या यूँ कहे कि सरकारी अमला एक नया राग अलाप रहा है कि देश मे सबको सरकार नौकरी नही दे सकती है इसलिए लोगो को ही रोजगार देने वाला बनना चाहिए। चलिए सुनने में तो बहुत अच्छा लगा कि कुछ नया सा सोचा जा रहा है लेकिन क्या इतना बस कह देने से ही काम हो जाने वाला है आप भी यही कहेंगे कि नही इसके लिए काम करना पड़ेगा। अगर आप किसी राजनीतिक दल से है तो आपकी राय अलग भी हो सकती है। कम से कम सत्तारूढ़ पार्टी के लोग तो ये नही मानेगे उनका यही कहना होगा कि सरकार काम कर रही है और कई एक के बाद एक योजनाओं के नाम आपको गिना दिए जाएंगे। लेकिन उन योजनाओं के बारे में हम आप कितना जानते है उन योजनाओं का बजट क्या है क्या उस बजट में धरातल में कुछ किया भी जा सकता है। ये कुछ बुनियादी सवाल तो जरूर उठेगे।
मुझे लगता है कि देश को अब कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने की जरूरत है जैसे कि आपने One Rank One Pension का नाम तो सुना ही होगा उसी तरह के नियम पर काम करने की जरूरत है। इस प्रकार की योजना में हम एक शहर को चुन कर उसमें एक ही व्यापार को प्रोमोट कर सकते है जैसे मैं कानपुर से हूँ तो इस योजना के अनुसार कानपुर को किसी एक व्यापार का हब बना देना चाहिए जैसे प्लास्टिक, चमड़ा इत्यादि।इसके कई फायदे है।
पहला फायदा जो सीधे उपभोक्ताओं को लाभ पहुचेंगे और वो ये है कि उस शहर में एक ही काम की कई कंपनियां होगी तो कॉम्पटीशन भी खूब होगा और क़्वालिटी में भी सुधार होगा जिसके असर रेट पर भी पड़ेगा और देश विदेश में शहर का नाम उसी नाम पर जाना जाएगा जिससे अगर वो वस्तु किसी को थोक और फुटकर चाहिए तो उस शहर जा कर उचित मूल्य पर पा सकता है विदेशी भी खूब आकर्षित होंगे और उनको भटकना भी नही पड़ेगा क़्वालिटी भी मिलेगी और समय भी बचेगा।



दूसरा फायदा ये है कि आज के समय मे स्टूडेंट को अपनी पढ़ाई पूरी कर के दूर शहरो में जाना पड़ता है क्योंकि उसने अगर पढ़ाई कंप्यूटर साइंस से की है तो उसके शहर में नौकरी मैकेनिकल की मिल रही होती है और अगर किसी ने जॉइन भी कर लिया कुछ समय बाद अगर किसी कारण वश जॉब स्विच करनी है तो उस फील्ड में उस इंडस्ट्री की दूसरी कंपनी 500 या 1000 किमी दूर होती है फिर या तो घर परिवार या रोजगार ने एक को चुनना पड़ता है। और अगर फील्ड चेंज करते है तो अच्छा सैलरी पैकेज नही मिलता है यानी वर्क एक्सपेरिएंस बेकार जाता है। एक शहर में एक ही बिज़नेस होने से उसका वर्क एक्सपेरिएंस भी बेकार नही जाता है वो एक ही फील्ड की कई कंपनियों को देख सकता है। और इसका तीसरा फायदा कंपनियों को जाता है आजकल स्किल कर्मचारी न मिलना कंपनियों की एक बड़ी समस्या है इस योजना से कंपनियों को भी एक ही फील्ड में स्किल कर्मचारी की समस्या नही होती है। तुरंत एक अनुभवी और योग्य कर्मचारी मिल जाता है और होम टाउन का होने के नाते एम्प्लॉई काम वेतन में भी काम करने को राजी हो सकता है। तो समय सिर्फ आगे बढ़ कर सोचने और करने का है सिर्फ मेरा भारत महान कहने से तो होगा नही। चाइना और जापान हमसे आगे  अपनी नीतियों के कारण है। चलिए अभी के लिए बस इतना ही आपके पास अगर इस योजना के और फायदे हो तो कमेंट करें। उम्मीद है 2017 आपका अच्छा गया हो और 2018 आपके जीवन का नया सवेरा लेकर आये। आपको नव वर्ष मंगलमय हो।
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