आखिर गाय हमारी माता है.

गाय और बीफ आजकल एक हाई प्रोफाइल मुद्दा बना हुआ है हजारो वर्षों से हम गाय के दुग्ध का दोहन करते आए है और अब अपने स्वार्थ के लिये गाय शब्द का दोहन कर रहे हैl कुछ लोग गाय के हिमायती भी बने है कोई बुराई नही है पर क्या वो सही है? अगर कोई हमारी जननी माँ का सर्वजनिक उपहास करे तो भी आप उसका समर्थन करेगे शायद नही


             आप सिर्फ शांति से हक कि माँग करना चाहेंगेl हम गाय के लिये क्या करे शायद हम सही मायने मे जानते ही नही हैं अगर जनते होते तो उसका राजनीतिकरण ना होने देतेl आज अगर कही गायें खतरे मे है तो वो हमारे साथ हमारे आसपास ही हैं क्योंकि हम ही तो दुध के और अधिक लालच मे माता का दर्जा प्राप्त गायो को आक्सिटोसिन के इंजेक्शन लगा कर, जो दूध वो अपने बछड़े के लिये बचती हैं को बेरहमी से निकाल लेते हैंl ये तो कुछ भी नही बछ्डो को भी गाय से मिलने नही देते ताकि जब दोहनी के समय गाय बछड़े से मिलकर प्यार प्रगट करने मे लीन हो तब हम आसानी से अधिक से अधिक दुध निकाल सकेl और तो और हर साल मजबूरन कृतिम गर्भधारण कराते है जब प्रजनन क्षमता कम हो जाती है तो बूचड़खानों मे देने से पर्हेज नही करते हैंl कई डेयरी मे दुधारू जीवों कि स्थिति काफी दयनीय होती हैl पर गाय हमारी माता है और हम बीफ पर ही प्रतिबंध मात्र से संतुष्ट हैं आखिर वास्तविकता से हमे क्या लेनादेना हैl गाय हमारी माता है इसके शिवा हमे कुछ नही आता है l

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